भारत में 59 चाइनीज ऐप को बैन किये जाने के फैसले से चीन में हड़कंप है. वहीं इस बीच अब भारत में नेपाल के चाइनीज पावर प्रोजेक्ट से बिजली न खरीदने की मांग भी तेज हो गई है.

चीन की कई कंपनियां नेपाल में पावर सेक्टर में खूब निवेश कर रही है और ऐसी कंपनियों से बिजली खरीदने से इन चीनी कंपनियों को काफी फायदा हो रहा है.

पिछले दिनों नेपाल ने चीन के इशारे पर भारत के साथ सीमा विवाद उठाया था. इसके अलावा लिपुलेख और कालापानी समेत दूसरे इलाकों पर अपना दावा ठोका था.

भारत सरकार चीनी ऐप्स को बैन करने से चीन परेशान है. चीन के Weibo सोशल मीडिया पर भारत की तरफ से लगाया गया बैन #Indiabans59Chineseapps टॉप ट्रेंड कर रहा है.

भारत सरकार के इस फैसले को लेकर अमेरिका ,कनाडा,आस्ट्रेलिया और यूरोप के देशों में चीनी कंपनियां भारत की तरह ही ऐप्स पर बैन लगाने की मांग कर रही हैं.

चीन के लोग इस बात से भी परेशान है कि भारत के फैसले से चीन की कंपनियों पर बड़ा असर पड़ेगा और इससे चीन में भी बेरोजगारी बढ़ेगी.

सोशल मीडिया पर यूजर्स भारत की ओर से चीन में भेजे जाने वाली कैंसर की दवा को लेकर भी अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. यूजर्स का कहना है कि अगर भारत से कैंसर से जुड़ी कई अहम दवायें चीन में आनी बंद हो गई तो चीन के लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी.

चाइनीज ऐप के बैन किये जाने के भारत के फैसले की कई देशों पर तारीफ हो रही है. अमेरिकी सेनेटर मार्को रुबियो ने भारत की तारीफ की है. जानकारों का मानना है कि चीन के ज्यादातर ऐप और चाइनीज कंपनियां चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के लिए काम करती हैं.

जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा है. भारत सरकार को इन चाइनजी ऐप को बंद किये जाने के बाद अब Huawei और ZTE कंपनियों के खिलाफ भी प्रतिबंध लगाना चाहिए.