राज्य में अब तक कुल 4226 संक्रमितों कोरोना को मात दी है। सोमवार को नवादा, मुजफ्फरपुर और मधुबनी में एक-एक संक्रमित की मौत हुई। राज्य में कोरोना से 42 मौत हो गई है।

सोमवार को राज्य में 187 नए संक्रमित मिले।जिसके बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 6662 हो गई है। जबकि पिछले 24 घंटे में और 251 संक्रमित कोरोना वायरस को पराजित करने में सफल रहे हैं।

संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी एक बार फिर दाे दिन तक सभी मुख्यमंत्रियाें के साथ बैठक करेंगे। इससे एक बार फिर लाॅकडाउन की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

तमिलनाडु में चेन्नई समेत 4 जिलों में 19 से 30 जून तक लाॅकडाउन की घाेषणा की गई है। दूसरी तरफ, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, गुजरात के सीएम विजय रूपाणी और कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने अटकलें खारिज करते हुए कहा कि अब लाॅकडाउन नहीं होगा।

किसी भी वक्त फिर लग सकता है सख्त लॉकडाउन?

पूर्वोत्तर राज्य असम में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। 43 नए लोगों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि होने के साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या 4,000 के करीब पहुंच गई है। इस बीच असम सरकार के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि गुवाहाटी में हालात बिगड़ रहे हैं, ऐसे में फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है।

असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, 15 जून से शुरू हो रहे अभियान में 50 हजार सैंपल लिए जाएंगे, अगर इसमें कम्युनिटी ट्रांसमिशन के संकेत मिले तो गुवाहाटी में फिर से कंप्लीट लॉकडाउन लगाया जाएगा। उन्होंने ये संकेत तब दिए हैं, जब असम में बिना ट्रैवल हिस्ट्री वाले 25 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, हम इन 25 लोगों के इन्फेक्शन को सोर्स पता नहीं लगा पाए हैं। इनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री भी नहीं है। इससे पता चलता है कि गुवाहाटी में हालात बिगड़ रहे हैं।

हमने 15 से 30 जून तक 50 हजार सैंपल टेस्टिंग का फैसला लिया है। अगर इसमें से 500 लोग भी कोरोना संक्रमित पाए जाते हैं तो हमें गुवाहाटी में कंप्लीट लॉकडाउन लागू करना पड़ेगा। हम अभी रात 9 बजे से लगने वाले नाइट कर्फ्यू को भी 7 बजे से कर सकते हैं।

गुवाहाटी में दो फेज में होने वाली इस टेस्टिंग के पहले फेज में सरकारी की ओर से टेस्टिंग होगी। दूसरे चरण में लोग खुद से टेस्टिंग करा सकेंगे। हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे कहा, ‘

हमारा शुरुआती अनुमान है कि इसमें से ज्यादातर संक्रमित लोग 153 गोदामों में काम करने वाले लोगों या उनके संपर्क में आए लोगों के संपर्क में आए हैं। पेट्रोल डिपो, ब्रिज, हाइवे के ढाबे और अस्पताल कोरोना के केंद्र हो सकते हैं। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर टेस्ट की सैंपलिंग करेंगे।’