देश और दुनिया में कोरोना का प्रकोप बढ़ गया है। इसके लिए वैक्सीन पर काम चल रहा है, लेकिन अभी सफलता नहीं मिली है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा है कि वैज्ञानिकों का अनुमान है कि

दुनिया को एक साल या उससे भी पहले कोविड-19 की वैक्सीन मिल सकती है। वैक्सीन को विकसित करने, और वितरण करने में वैश्विक सहयोग के महत्व की बात भी है।

वैक्सीन में अभी लगेगा वक्त

वैज्ञानिक कोरोना के प्रभाव को रोकवने के लिए वैक्सीन विकसित करने में लगे है। उन्होंने कहा कि अगले एक साल के अंदर कोविड-19 की वैक्सीन आएगी। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने यह बात ऑनलाइन कॉफ्रेंसिंग के दौरान कही।

उनके अनुसार, हमारे पास कोरोना की वैक्सीननहीं थी। इसलिए जब यह तैयार होगी तो सामने आएगी। इसे तेजी से तैयार करने के प्रयास जारी हैं। ऐसे में हो सकता है कि यह एक साल के अंदर या कुछ महीने में भी तैयार हो सकती है।

वैज्ञानिक भी यही बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, दुनियाभर में कोरोनावायरस अभी भी फैल रहा है। यह समय हमें खुद को सुरक्षित रखने का है, इसलिए बचाव की हर सावधानी बरतें।

उन्होंने कहा, वैक्सीन को उपलब्ध कराना और इसे सभी को वितरित करना एक चुनौती होगी। इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। वर्तमान में 1०० से अधिक कोविड-19 वैक्सीन कैंडिडेट डेवलपमेंट के विभिन्न चरणों में हैं।

उन्होंने कहा, महामारी ने वैश्विक एकजुट होना जरूरी है। स्वास्थ्य को एक लागत के रूप में नहीं, बल्कि निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी देशों को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और संकट की स्थितियों के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत करने पर काम करना चाहिए।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने स्वीकार किया कि सभी ने गलतियां की हैं। उन्होंने सदस्यों से कहा कि एक स्वतंत्र पैनल डब्ल्यूएचओ द्वारा महामारी को लेकर दी गई प्रतिक्रिया का मूल्यांकन करेगा, ताकि गलतियों से सबक लिया जा सके।

यह पैनल जल्द अपना काम शुरू करेगा। बता दें कि भारत में भी साइंटिस्ट कोरोनावायरस का इलाज करने वाले वैक्सीन खोजने में लगे हैं। इसमें सरकार की तरफ से भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।