लद्दाख सीमा पर हुई हिंसक झड़प को लेकर हैदराबाद के डुंडीगल में एयर फोर्स एकेडमी में संयुक्त स्नातक परेड में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ने कहा कि भारतीय वायु सेना को चीन के एयर बेस और एलओसी पर उनकी तैनाती की जानकारी है। इस पर उन्होंने कहा, ‘चीन हर साल विवादित इलाके में तैनाती और अभ्यास करता है लेकिन इस बार गतिविधि बढ़ी है, जिन पर नजर रखी जा रही है।’

आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए हम तैयार

एयरफोर्स एकेडमी में सवाल किया गया है कि क्या भारत और चीन के बीच युद्ध हो सकता है, इस पर एयर चीफ ने कहा, ‘नहीं, हम चीन के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं हैं। लेकिन, किसी भी आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। एलएसी पर स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सामान्य करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।’

आगे उन्होंने कहा कि वायुसेना लक्ष्य पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और वह लद्दाख की गलवां घाटी में हमारे शूरवीरों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देगी।

एकेडमी में परेड हो जाने के बाद जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति के जवाब में हमें जो भी जरूरत होती है हम उस मुताबिक उड़ान भरते हैं। इसमें लड़ाकू हवाई गश्ती भी शामिल है।

शूरवीरों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं

आगे उन्होंने कहा, ‘यह बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए कि हम पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए उपयुक्त जगह पर तैनात हैं। मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम लक्ष्य पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और गलवां के अपने शूरवीरों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे।’

सीमा पर तैनाती को लेकर उन्होंने कहा, ‘हम पूरी स्थिति से अवगत हैं। चाहे एलएसी हो या एलएसी के अलावा तैनाती हो। हमारे पास पूरा आकलन है और हमने इस तरह की तैनाती से पैदा होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाया है।’

इसी सिलसिले में उन्होंने कहा कि देशभर में भारतीय वायु सेना के अड्डों पर वे सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं चीन के हवाई क्षेत्र कहां हैं, उनकी तैनाती कहां है, उनके संचालनात्मक अड्डे कहां हैं।