नमस्कार मित्रो जैसा कि आप इस खबर से वाकिफ होंगे कि महारास्त्र में भाजपा – शिवसेना का 30 साल पुराना गठबंधन टूट चूका है 30 साल पहले भाजपा नेता प्रमोद महाजन और बालासाहेब से प्रयासों के जरिये दो सबसे बड़ी हिंदूवादी पार्टी राजनीती में एक साथ चुनाव लड़ी और इस गठबंधन अपना पहला चुनाव भी जीता था उस समय शिवसेना के मुख्यमंत्री बने थे

शिवसेना के संस्थापक श्री बालासाहेब ठाकरे का कहना था कि वे या उनकी पार्टी का कोई भी सदस्य कोई पद लेगा लेकिन बालासाहेब के स्वर्गवास के बाद दोनों बेटे अलग पार्टी में गए

बालासाहेब ठाकरे ने जब उद्दव ठाकरे को शिवसेना की गद्दी सौप दी तब राज ठाकरे इससे निराश हो गए और राज ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पार्टी बनाली लेकिन अभी तक यह पार्टी कोई खास कमाल नहीं कर चुकी है लोकसभा चुनाव में मनसा 0 सीट लायी थी

लेकिन आज के हालात ये है कि भाजपा शिवसेना 2019 विधानसभा साथ लड़कर लड़ी थी दोनों पार्टी को बहुमत मिला था लेकिन शिवसेना के अध्यक्ष उद्दव ठाकरे अपने बेटे आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनवाना चाहते थे इसलिए शिवसेना भाजपा से गटबंधन तोड़कर घोर हिन्दू विरोधी पार्टी कांग्रेस और एनसीपी साथ सरकार बनवाने राजी हो गयी है

सूत्रों से अनुसार देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना की सीएम पद की मांग को नहीं मानकर मंत्रिमंडल में ज्यादा मंत्री पद देने की बात कही थी, लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। देवेंद्र फडणवीस ने इसके अलावा केंद्र सरकार में दो मंत्री पद देने की बात कही थी।

इनमें से कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री स्तर का पद था। इसके अलावा, पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं को दो राज्यों में गवर्नर बनाए जाने की भी मांग की थी।

फडणवीस इस प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए दिल्ली आए और शाह से मुलाकात की। सूत्रों का कहना है कि अमित शाह ने केंद्र सरकार में अतिरिक्त मंत्री पद और शिवसेना नेताओं के लिए गवर्नर पद जैसी मांगों को ठुकरा दिया।

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