हम सभी जानते हैं कि ट्रांसजेंडर लोग वे होते हैं जिनका लिंग डॉक्टर द्वारा बताए गए लिंग से भिन्न होता है. ट्रांसजेंडर या ट्रांस सेक्सुअल होना या तो मानसिक होता है या तो शारीरिक फिर दोनों. एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार

गुणसूत्रों में असमानता होने के कारण, ट्रांसजेंडर लोग ऐसे गुणसूत्रों के साथ पैदा होते हैं जिसके कारण वह किसी निश्चित लिंग के अंतर्गत नहीं आते.उदाहरण के लिए ऐसा हो सकता है कि एक ट्रांस महिला जिसे जन्म के समय लड़का बताया

गया था परंतु उसका व्यक्तित्व महिला जैसा हो. उसके गुण सूत्र x y होते हैं जो वास्तव में पुरुष के गुण सूत्र है. परंतु उसमें गर्भाशय नहीं है. उसी प्रकार एक ट्रांस पुरुष में xx गुणसूत्र पाए जाते हैं परंतु उसमें गर्भाशय और ओवरीज़ होती है.

हालांकि उन्हें कुछ पुरुष के गुण भी पाए जाते हैं. जैसे आवाज की गहरी होना.अतः xx गुणसूत्र वाले हिजड़े पुरुष के गर्भधारण करने की संभावना होती है. यदि कोई ट्रांस महिला गर्भवती होना चाहती है तो उसे कई मेडिकल परिक्रिया से

गुजरना पड़ता है. जैसे उसके पेट में भ्रूण प्रत्यारोपित करना था तथा हार्मोन थेरेपी देना आदि. ऐसा भी देखा गया है कि ट्रांस महिलाओं में इस प्रकार की गर्भावस्था बहुत खतरनाक हो सकती है तथा संभवता उसके जीवन को खतरा भी हो

सकता है.इसके अलावा ट्रांस महिलाओं में इस प्रकार की अस्थानिक गर्भावस्था के कारण कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिसमें भ्रूण बाहर विकसित किया गया हो, क्योंकि ट्रांस महिलाओं में गर्भाशय नहीं होता है. यदि इनका उपचार ना किया जाए तो यह जानलेवा सिद्ध हो सकता है.