भारत में कोरोना वायरस का कहर ज़ारी है। अब COVID-19 के नए मामले अब हर दिन रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। देश में कुल कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या 3 लाख के पार पहुंच गई है और अब भारत दुनिया में कोरोना वायरस से प्रभावित चौथा देश बन गया है।

दुनिया में अब जिन देशों में रोज सबसे अधिक नए केस सामने आ रहे हैं, उनमें भारत भी शामिल हो गया है। अमेरिका में रोज लगभग 20000, ब्राजील में 15000 नए मामले सामने आ रहे हैं, तो वहीं भारत तीसरे नंबर पर है, यहाँ रोज़ 10000 के लगभग मामले सामने आ रहे हैं। इसीलिए ऐसी आशंका जताई जा रही है कि सरकार एक बार फिर लॉकडाउन लगा सकती है।

देश में कोरोना मरीजों की ज़बरदस्त बढ़ोतरी होने से पीएमओ में हलचल होने लगी है। गृहमंत्रालय ने भी सभी राज्यों से कोरोना मामलों के बारे में जानकारी मांगी है। ऐसे में फिर से केंद्र सरकार कोरोना को लेकर चौकन्नी हो गई है।

ऐसे में आशंका जताई जा रही है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना लॉकडाउन को लेकर देश के सभी मुख्यमंत्रियों से एक बार फिर बात करेंगे। पीएमओ की तत्परता से ये सम्भावना जताई जा रही हैं कि देश में एक नार फिर लॉकडाउन लागू होने वाला है।

प्रधानमंत्री मोदी दो दिन 16-17 जून को सभी मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। 16 को 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और प्रशासकों से पीएम मोदी बात करेंगे। इसी दिन पंजाब, असम ,केरल, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, नागालैंड, मेघायल, पुडुचेरी, सिक्किम अरुणाचल प्रदेश मुख्यमंत्रियों से भी प्रधानमंत्री मोदी की चर्चा होगी।

इसके अलावा 16 जून को ही चंडीगढ़, लद्दाख, दादरा नगर हवेली, अंडमान निकोबर, दमन दीव और लक्षद्वीप आदि के उपराज्यपालों की राय प्रधानमंत्री मोदी लेंगे।

सूत्रों से जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री मोदी अब सभी मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। वे सभी मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों की राय लेंगे। इसके बाद तय किया जायगा की कब और किस तरह का लॉक डाउन लगाना है। इस चर्चा के बाद अगले 2 या 3 दिन में फिर से लॉक डाउन हो सकता है।

मतलब अगर कोरोना संक्रमण के यही हालात रहे तो 20 जून के आस पास लॉक डाउन लगने की प्रबल संभावनाएं दिखाई दे रही है। देश एक बार फिर बंद हो सकता है। ट्रेन और फ्लाइट भी फिर बंद हो सकती है। लेकिन ऐसा क्यों?

याद कीजिए, कुछ दिन पहले तक हम इटली, स्पेन, अमेरिका जैसे देशों का का उदहारण देकर आपको बता रहे थे कि कैसे इन देशों में कोरोना वायरस एक बड़ी मुसीबत बन गया है, और कैसे इन देशों के लोगों को इलाज तक नहीं मिल पा रहा है।

हमने देखा था कि इन देशों के अस्पतालों में शवों को रखने की जगह तक नहीं बची थी और शवों को इकठ्ठा दफना दिया गया था। यहां तक इन देशों में कब्रिस्तान भी कम पड़ने लगे थे। हमें इस बात का डर था कि कहीं भारत में भी ऐसी स्थिति ना बन जाए। लेकिन हम इसी स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में इस समय जो स्थिति बनी हैं, वह बहुत भयावह है।

देश की राजधानी दिल्ली में ना तो पर्याप्त टेस्ट हो रहे हैं, ना मरीजों को हॉस्पिटल में बेड मिल रहे हैं। जो मरीज अस्पतालों में एडमिट हैं, उन्हें पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा है। तहँ तक की जीवित मरीजों का ध्यान तक नहीं रखा जा रहा है।

एक वीडियो में दिखाया गया है दिल्ली के शमशान में अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिल पा रही और लाइन लगी थी। अब दिल्ली के अस्पतालों में जगह नहीं बची है। दिल्ली जैसा हाल पूरे देश का ना हो जाये, इसीलिए फिर से लॉक डाउन लगने की प्रबल संभावना बन रही है।