नमस्कार मित्रो …. जैसा कि पिछले 20 दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में उथल पथल चल रही है कोई भी पार्टी बहुमत नहीं होने के कारण सरकार बनाने की और अग्रसर नहीं दिख रही

भारतीय जनता पार्टी 104 सीट से सबसे ज्यादा विधायकों वाली पार्टी है इसके बाद शिवसेना के 54 विधायक के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है इसके बाद 2 कम विधायकों के साथ एनसीपी तीसरे नंबर की पार्टी है इन सभी पार्टी को माननीय राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्योता दिया था लेकिन सभी पार्टी सरकार बनाने में असमर्थ रही है

भाजपा – शिवसेना का अटूट गठबंधन 30 साल पुराना है लेकिन स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे जी के निधन के बाद उनके बेटे उद्दव ठाकरे ने पार्टी की बागडोर संभाली और भाजपा के खिलाफ बयानबाजी देनी शुरू करदी

शिवसेना ने 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था जिसमे उसे 22 सीट मिली थी लेकिन विधानसभा चुनाव और BMC में दोनों पार्टी ने अलग अलग चुनाव लड़ा था इसके बाबजूद भी दोनों पार्टी सरकार बनाने में एक साथ कामयाब रही

लेकिन अब 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा के साथ शिवसेना ने 2019 में भाजपा से गठबंधन जोड़ लिया और दोनों पार्टी को जनता स्पष्ट बहुमत दिया लेकिन शिवसेना अध्यक्ष अपने बेटे आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे इसलिए उन्होंने भाजपा 2.5 – 2.5 साल का मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा

इस प्रस्ताव को भाजपा आलाकमान ने ख़ारिज कर दिया और शिवसेना ने भाजपा से अपना गठबंधन तोड़ लिया केंद्र सरकार में शामिल शिवसेना के मंत्री अरविन्द सावंत ने मंत्रिमण्डल इस्तीफा दे दिया

कहा जा रहा है कीं शिवसेना से ठाकरे परिवार का मुख्यमंत्री बने इसकी पठकथा प्रशांत किशोर ने लिखी थी जो कि अब शिवसेना के लिए जी का जंजाल बन चुकी है क्युकी कांग्रेस की मांग है कि शिवसेना से ठाकरे परिवार का कोई भी सदस्य मुख्यमंत्री नहीं बनेगा

अब देखना यह होगा कि शिवसेना से ठाकरे परिवार से मुख्यमंत्री बनता है या किसी वरिष्ठ नेता को शिवसेना मुख्यमंत्री की गद्दी सौपती है

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