नमस्कार मित्रो ….. जैसा कि आप जानते है कि देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल देशके सबसे महान नेता थे सरदार पटेल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में थे लेकिन उनकी विधारधारा हमेशा विकास पुरुष की रही

जैसा कि आप जानते होंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियो से २०१४ के समय देशवासियो से कहा था कि उनका सपना सरदार बल्लभभाई पटेल की सबसे बड़ी मूर्ति बनाने का था इसलिए उन्होने सभी लोगो से मूर्ति लोहा देने की अपील की थी और उनकी इस पहल का कमाल रहा कि आज सरदार पटेल की दुनिया में सबसे ऊँची मूर्ति बन चुकी है और हर दिन लाखो पर्यटक सरदार बल्लभ भाई पटेल की स्टेचू ऑफ यूनिटी को देखने जा रहे है

आपको जानकर कि की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्टेचू ऑफ यूनिटी ‘ ने ताज महल को कमाई में मामले में कई पीछे छोड़ दिया है . स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सामने दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल पीछे छूट गया है. आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया यानि ASI ने इसकी जानकारी दी है

ASI की जानकारी के अनुसार, दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने साल भर में 63 करोड़ रुपये की कमाई की है. इस दौरान ताज महल ने 56 करोड़ रुपये की कमाई की. इस तरह सरदार पटेल की प्रतिमा ने ताज महल के मुकाबले एक साल में 7 करोड़ रुपये ज़्यादा कमाई की.

बात अगर पर्यटकों की करे तो ताजमहल देखने वाले पर्यटकों में स्टेचू ऑफ यूनिटी से कई आगे है पिछले साल बनकर तैयार तैयार हुई स्टेचू ऑफ यूनिटी 3000 करोड़ रूपये की लागत से तैयार हुई है

स्टैच्यु ऑफ यूनिटी को ने डिजाइन किया है. इस काम में उनके बेटे अनिल राम सुतार ने भी योगदान दिया है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सुतार ने 50 से ज्यादा विशाल स्मारकीय मूर्तियां बनाई हैं. भारत के लिए वह सात दशकों में 8000 से ज्यादा मूर्तियों को आकार दे चुके हैं.

मित्रो सरदार बल्लभभाई पटेल देश को एकता के सूत्र बांधना चाहते थे उन्होंने हैदराबाद सहित 50 से ज्यादा रियासतों को भारत में विलय करवाया था जिसकी वजह सरदार बल्लभभाई पटेल की मूर्ति को स्टेचू ऑफ यूनिटी कहते है

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